हैदर अली का जन्म 1722 ई. में मैसूर राज्य के बुंदीकोट नामक स्थान पर हुआ था। बड़ा होने पर वह मैसूर राज्य की सेना में भर्ती हो गया। वह अपनी योग्यता के कारण उन्नति करता गया और 1761 ई. में उसने मैसूर राज्य की समस्त शक्ति अपने हाथ में केन्द्रित कर ली। अंग्रेज दक्षिण भारत पर अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहते थे। परन्तु हैदर अली मैसूर राज्य की स्वतन्त्रता बनाये रखने के लिए कटिबद्ध था। परिणामस्वरूप हैदर अली और अंग्रेजों के बीच दो युद्ध लड़े गये ।
हैदर अली ने प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध तथा द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध में अनेक स्थानों पर अंग्रेजों को पराजित किया और अपने युद्ध कौशल का परिचय दिया। हैदर अली एक वीर योद्धा, योग्य शासक व कुशल राजनीतिज्ञ था। जब 1776 ई. में अंग्रेजों ने निजाम व मराठों से मिलकर हैदर अली के विरुद्ध एक संघ बनाया, तो उसने कूटनीति से इस संघ को छिन्न-भिन्न कर दिया। हैदर अली एक उदार एवं धर्म सहिष्णु व्यक्ति तथा सभी धर्मों का सम्मान करता था। वह एक योग्य शासक था तथा प्रजा की नैतिक तथा भौतिक उन्नति के लिए सदैव प्रयत्नशील रहता था। 1782 ई. में द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध के दौरान हैदर अली की मृत्यु हो गई ।

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