बिजली कैसे गिरती है? जानिए बिजली बनने का वैज्ञानिक कारण और बचाव के उपाय | Lightning in Hindi

 

बिजली (Lightning) कैसे गिरती है? जानिए बिजली बनने का वैज्ञानिक कारण, इससे बचाव के उपाय और रोचक तथ्य

बिजली कैसे गिरती है और इसके बनने के कारण


बारिश के मौसम में आसमान में अचानक तेज़ चमक दिखाई देती है और कुछ ही क्षण बाद जोरदार आवाज़ सुनाई देती है। इस प्राकृतिक घटना को बिजली गिरना (Lightning) कहा जाता है। यह प्रकृति की सबसे शक्तिशाली और रहस्यमयी घटनाओं में से एक है। हर वर्ष दुनिया भर में लाखों बार बिजली गिरती है। अधिकांश घटनाएँ खुले क्षेत्रों, ऊँचे पेड़ों, इमारतों और बिजली के खंभों के आसपास होती हैं।

बहुत से लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर बिजली कैसे बनती है, यह धरती पर क्यों गिरती है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है। इस लेख में हम बिजली गिरने से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को सरल भाषा में समझेंगे।


बिजली (Lightning) क्या है?

बिजली एक अत्यंत शक्तिशाली विद्युत निर्वहन (Electrical Discharge) है, जो बादलों के बीच या बादलों और पृथ्वी के बीच होता है। जब वातावरण में बहुत अधिक विद्युत ऊर्जा जमा हो जाती है, तो वह अचानक चमकदार बिजली के रूप में बाहर निकलती है।

बिजली की चमक पहले दिखाई देती है, जबकि उसकी आवाज़ (गर्जन) कुछ देर बाद सुनाई देती है, क्योंकि प्रकाश की गति ध्वनि से कहीं अधिक होती है।


बिजली कैसे बनती है?

बिजली बनने की प्रक्रिया बादलों के अंदर शुरू होती है।

जब बारिश वाले बादलों के भीतर बर्फ के कण, पानी की बूंदें और हवा आपस में टकराते हैं, तो उनमें विद्युत आवेश (Electric Charge) उत्पन्न होने लगता है।

धीरे-धीरे बादल का ऊपरी भाग धनात्मक (Positive) और निचला भाग ऋणात्मक (Negative) आवेश से भर जाता है। जब दोनों के बीच या बादल और धरती के बीच आवेश का अंतर बहुत अधिक हो जाता है, तो अचानक विद्युत ऊर्जा चमक के रूप में निकलती है। यही बिजली कहलाती है।


बिजली धरती पर क्यों गिरती है?

पृथ्वी सामान्यतः धनात्मक आवेश का स्रोत बन जाती है, जबकि बादल के निचले हिस्से में ऋणात्मक आवेश अधिक होता है।

जब दोनों के बीच आकर्षण बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो बिजली सबसे आसान रास्ता खोजकर धरती तक पहुँच जाती है।

इसी कारण बिजली अक्सर ऊँची इमारतों, पेड़ों, टावरों और खुले मैदानों में खड़े लोगों पर गिरने का खतरा अधिक होता है।


बिजली गिरने पर तेज़ आवाज़ क्यों आती है?

बिजली गिरते समय उसके आसपास की हवा कुछ ही क्षणों में हजारों डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो जाती है।

इस गर्म हवा के अचानक फैलने से एक शक्तिशाली ध्वनि उत्पन्न होती है, जिसे गर्जन (Thunder) कहते हैं।

यदि बिजली बहुत पास गिरी हो, तो गर्जन की आवाज़ बहुत तेज़ सुनाई देती है।


क्या एक ही स्थान पर दोबारा बिजली गिर सकती है?

हाँ।

यह एक आम गलतफहमी है कि बिजली एक ही जगह पर दोबारा नहीं गिरती। वास्तव में ऊँची इमारतों और टावरों पर कई बार बिजली गिर सकती है।

उदाहरण के लिए, दुनिया की कई ऊँची इमारतों पर हर वर्ष अनेक बार बिजली गिरती है, लेकिन उनमें लगे Lightning Rod लोगों को सुरक्षित रखते हैं।


इतिहास से एक रोचक उदाहरण

वर्ष 1752 में प्रसिद्ध वैज्ञानिक बेंजामिन फ्रैंकलिन ने एक प्रसिद्ध पतंग प्रयोग के माध्यम से यह सिद्ध किया कि आकाशीय बिजली वास्तव में विद्युत ऊर्जा ही है। इस खोज के बाद उन्होंने Lightning Rod (तड़ित चालक) का आविष्कार किया, जो आज भी ऊँची इमारतों को बिजली गिरने से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए लगाया जाता है।


बिजली गिरने से क्या नुकसान हो सकते हैं?

यदि बिजली सीधे किसी व्यक्ति, पेड़ या भवन पर गिर जाए, तो गंभीर नुकसान हो सकता है।

  • जान-माल की हानि हो सकती है।

  • आग लग सकती है।

  • बिजली के उपकरण खराब हो सकते हैं।

  • पेड़ और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।

  • जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।


बिजली गिरने से कैसे बचें?

बिजली गिरने के दौरान सावधानी बरतना बहुत आवश्यक है।

  • खुले मैदान में खड़े न रहें।

  • ऊँचे पेड़ों के नीचे शरण न लें।

  • बिजली के खंभों और टावरों से दूर रहें।

  • बारिश के समय खुले पानी में न जाएँ।

  • घर के अंदर रहें और अनावश्यक रूप से बिजली के उपकरणों का उपयोग न करें।

  • यदि खुले क्षेत्र में फँस जाएँ, तो दोनों पैर साथ रखकर नीचे झुक जाएँ, लेकिन जमीन पर पूरी तरह न लेटें।


क्या मोबाइल फोन बिजली को आकर्षित करता है?

नहीं।

सामान्य मोबाइल फोन बिजली को अपनी ओर आकर्षित नहीं करता। असली खतरा खुले स्थान पर खड़े रहने, ऊँची वस्तुओं के पास होने या धातु की बड़ी संरचनाओं के निकट होने से होता है।


बिजली से जुड़े रोचक तथ्य

  • हर सेकंड दुनिया में लगभग 100 बार बिजली गिरती है।

  • बिजली का तापमान सूर्य की सतह से भी अधिक हो सकता है।

  • बिजली की चमक पहले और आवाज़ बाद में सुनाई देती है।

  • बादलों के अंदर भी बिजली चमक सकती है।

  • बिजली का रास्ता हमेशा सीधा नहीं होता, इसलिए इसकी चमक टेढ़ी-मेढ़ी दिखाई देती है।


निष्कर्ष

बिजली गिरना एक प्राकृतिक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो बादलों में उत्पन्न विद्युत आवेश के कारण होती है। यह जितनी आकर्षक दिखाई देती है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है। सही जानकारी और सावधानियों का पालन करके बिजली गिरने से होने वाले अधिकांश हादसों से बचा जा सकता है। विज्ञान ने इस प्राकृतिक घटना के रहस्यों को काफी हद तक समझ लिया है, लेकिन आज भी इसका अध्ययन लगातार जारी है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

बिजली कैसे बनती है?

बादलों के भीतर धनात्मक और ऋणात्मक विद्युत आवेश बनने तथा उनके बीच अचानक विद्युत निर्वहन होने से बिजली बनती है।

बिजली धरती पर क्यों गिरती है?

जब बादलों और धरती के बीच विद्युत आवेश का अंतर बहुत अधिक हो जाता है, तो बिजली धरती तक पहुँच जाती है।

बिजली गिरने पर आवाज़ क्यों आती है?

बिजली के कारण हवा तेजी से गर्म होकर फैलती है, जिससे गर्जन की आवाज़ उत्पन्न होती है।

क्या मोबाइल फोन बिजली को आकर्षित करता है?

नहीं। सामान्य मोबाइल फोन बिजली को आकर्षित नहीं करता। असली खतरा खुले स्थान और ऊँची वस्तुओं के पास रहने से होता है।

बिजली गिरने के समय सबसे सुरक्षित स्थान कौन-सा है?

पक्की इमारत या बंद वाहन सबसे सुरक्षित स्थान माने जाते हैं।